अस्थमा (दमा) (ग्रीक शब्द ἅσθμα, ásthma, "panting" से) साँस नली कै एक्ठु जीर्ण सूजन वाला रोग होय ।एकरे नाते फेफड़ा मा हवा जाब कठिन होइ जात है।जब एलर्जन्स (एलर्जी करै वाले चीज) औ इरिटेंट्स सास नली कै सम्पर्क मा आवत हैं तब साँस लेएम सम्स्या होब या साँस फूलब दमा होए । [१] आम लक्क्ष्न मा घरघराहट, खोंखी, सीना मा जकड़न औ साँस लेएम सम्स्या शामिल है।[२] इ समस्या दिन मे कुछ दाइ होय से लइकै हप्ता या महिना मे कुछ दिन होइ सकत है । अस्थमा कय कारण जेनेटीक औ पर्यावरणीय कारक तत्वन कै संयोजन मानि जात है ।अस्थमा कै लक्षन राति कै या कसरथ करेक बाद मा बढि सकत है । अस्थमा करावै कै पर्यावरणीय तत्व मा हवा कै प्रदूषण औ एलर्जी करावै वाले तत्व परत है जइसय फूल कै पराग ।अस्थमा कै पूरा इलाज नाई है लेकिन लक्क्षन कै रोकेक उपाय है जवने से रोगी कै कठिनाई नाइ होइ ।२०१५ मा दुनिया मा ३५.८ करोड़ मनईन कै अस्थमा रहा औ १९९० मा १८.३ करोड़ मनईन कै अस्थमा रहा । २०१५ मा ३९७,१०० मनईन कै मउत अस्थमा से भवा । अस्थमा साँस कै नली कै असर करत है । एहमे साँस कै नली कै मांसपेसी सिकूड़ जात है औ साँस कै नली से कफ़ निकरि कै उँही भठैक़ नाते साँस लेवैमे दिक्कत होवै लागत है ।

दमा से पहिले औ दमा कै बाद मा

लक्षनसम्पादन

  • हालि हालि साँस लेब
  • साँस लेवैम कठिनाई
  • खोँखी से निँद से उठब
  • बारम्बार खोँखी आइब
  • साँस घरघराईब
  • साँस लेत सीटी जैसन अवाज आईब जवने कै व्हिज़(wheeze) कहत हैं
  • सीना पिराब

दवाईसम्पादन

अस्थमा कै स्थायी निदान नाइ है ।अस्थमा कै उपचार कै एक्कै लक्ष्य होय कि यि कुल लक्षन कै ना होवै देब , अस्वस्थता घटाइब , तिब्र दौरा (एक्युट अटैक) आवै ना देब औ स्वस्थ जिन्दगी देब । यकरे निदान मा इन्हेल्ड कर्टिकोस्टेरोइड ,बर्कोंडाइलेटर ,ल्यूकोट्राईन एन्टागोनिस्ट औ मास्ट सेल स्टेबलाइजर जइसन दवाईकै इस्तेमाल होत है । दमा कै रोगिन कै ‘इन्हेलर’ तरिका (जवने मा दवाई कै इन्हेलर कै मदत से सिधै फेफड़ा तक पहुचाइ जात है) से उपचार कइ जात है। इन्हेलर से लेवैक बाद मा दवाई बहुत हाली काम करत है औ ढेर प्रभावकारी होत है। दवाई बहुतै कम मात्रा मा खून मे पहुचत है इहिकै नाते एकर ‘साइड इफ्फेक्ट’ बहुत कम होत है । दमा कै रोगिन कै इस्तेमाल करै वाला ब्रोङ्कोडाइलेटर औ स्टेरोइड दवाई इन्हेलरऽय से दइ जात है ।

जीवन शैली मा बदलावसम्पादन

सन्दर्भसम्पादन

  1. NHLBI Guideline 2007, पन्ना 11–12
  2. British Guideline 2009, पन्ना 4